14-15 अगस्त को अमित शाह कहाँ थे व्यस्त?

14-15 अगस्त को अमित शाह कहाँ थे व्यस्त?

द जागरण न्यूज़: स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत की बड़ी सुरक्षा कामयाबी, 14 राज्यों में ध्वस्त किया ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क

 

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच देश को दहलाने की पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने एक समन्वित 'सर्जिकल स्ट्राइक' के जरिए आईएसआई (ISI) समर्थित आतंकी शहजाद भट्टी के पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी है । 

 

विपक्ष के हंगामे के बीच चल रहा था 'ऑपरेशन सुरक्षा'

यह खुलासा हुआ है कि जिस समय राहुल गांधी और विपक्षी नेता संसद में गृह मंत्री अमित शाह को घेर रहे थे और उन पर तीखे हमले कर रहे थे, ठीक उसी समय अमित शाह देश को एक भयानक आतंकी हमले से बचाने की अदृश्य लड़ाई लड़ रहे थे । जब संसद में 'मोदी-शाह कहां हैं?' के नारे लग रहे थे, तब गृह मंत्री देर रात तक संसद भवन में आईबी चीफ, रॉ चीफ और एनएसए अजीत डोभाल के साथ बैठकर इस बड़े ऑपरेशन की मिनट-दर-मिनट निगरानी कर रहे थे । 

 

14 राज्यों में बड़ी कार्रवाई

देश के 14 राज्यों में एक साथ चलाए गए इस जॉइंट ऑपरेशन के दौरान 253 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 200 से अधिक आईएसआई ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया है । छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक, आईईडी (IED), पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, हथियार और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए हैं । 

 

आतंकी 'कॉल सेंटर' का खुलासा

जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी ने इस्लामाबाद में एक 'टेरर कॉल सेंटर' खोल रखा था। इसके जरिए सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को बरगलाया जाता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया जाता था । 

 

शून्य सहनशीलता की नीति

इस सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का बेहतरीन उदाहरण है ।

 

 भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए दो-टूक कहा कि आतंक के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक कार्रवाई की जाएगी